जब मंज़िल का संकल्प हो तो योद्धा समुद्र पर भी पत्थरों का पुल बना लेते हैं

जो अपनी मंज़िल को पाने की सच्ची चाहत रखते हैं,
वे हालातों का इंतज़ार नहीं करते—
वे हालातों को अपने पक्ष में मोड़ते हैं।

रियल एस्टेट का रास्ता आसान नहीं होता।
यहाँ समुद्र जैसे अवरोध आते हैं—
कभी पॉलिसी,
कभी पूंजी,
कभी लोगों की शंका,
तो कभी समय की परीक्षा।

लेकिन जो व्यक्ति
लोकेशन को आज नहीं, कल के नज़रिये से पढ़ता है,
जो धैर्य को कमजोरी नहीं, रणनीति मानता है,
और जो शॉर्टकट नहीं बल्कि सिस्टम पर भरोसा करता है—
वही पत्थरों से पुल बना देता है।

रियल एस्टेट में सफलता
केवल सौदे करने से नहीं आती,
यह सोच, अनुशासन और दीर्घकालिक दृष्टि से बनती है।

आज ज़रूरत इस बात की नहीं है कि
मार्केट क्या कह रहा है—
ज़रूरत इस बात की है कि
आप अपनी मंज़िल के लिए कितना संकल्पित हैं।

— प्रमेश कुमार
रियल एस्टेट ब्लॉग्स