"लकीरें, रिश्ते और जीवन का सच"

जीवन की रेखाएं केवल हथेली या माथे पर ही नहीं बनतीं, बल्कि हमारे विचारों, संबंधों और निर्णयों में भी गहराई से लिखी जाती हैं। यह प्रेरणादायक संदेश हमें याद दिलाता है कि माथे की लकीरें चिंता लाती हैं, हथेली की लकीरें तक़दीर बनाती हैं, लेकिन ज़मीन पर की लकीरें विवाद पैदा कर सकती हैं। और अगर यही लकीरें रिश्तों में आ जाएं, तो दरार बन जाती हैं।

समय, संबंध और सेहत – ये तीन ऐसी पूँजी हैं जिनकी असली कीमत हमें तब समझ आती है जब हम इन्हें खो देते हैं। यही कारण है कि हर इंसान को इन तीनों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए।

यह ब्लॉग पाठकों को जीवन में संतुलन, जागरूकता और आत्ममूल्यांकन की प्रेरणा देगा, ताकि वे जीवन की असली पूँजी को समय रहते संजो सकें।